Answer for अनुगामी वाहन उत्पादक कौन से है ?

इस श्रेणी के अन्तर्गत उन उत्पादकों का समावेश किया जाता है जो देश की यातायात जरूरतों समेत रोजगार के अवसर प्रचुर मात्रा में उपलब्ध करा पा रहे हैं। ऐसे शीर्ष दस उत्पादकों में मारुति, हुंडई, टाटा, महिन्द्रा, जी.एम. शेवले, होण्डा, टोयोटा, फोर्ड, स्कोडा और फिएट मोटर्स हैं जिन्होंने अत्यन्त महत्त्व के गुणवत्तापूर्ण उत्पाद भारत समेत अनेक अन्य देशों को उपलब्ध कराए हैं। भारत के शीर्ष कार निर्माताओं के लोकप्रिय उत्पादों के रूप में रैनो, बोलैरो, स्कॉर्पियो, ऑल्टो, स्विफ्ट, सियाज, रिओ, नैनो, इण्डिका, सूमो व सफारी आदि हैं।

सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मन्त्रालय Road Transport and National Highways Ministry
भारत सरकार की इस शाखा का कार्य राष्ट्रीय राजमार्गों, राजमार्गों एवं मार्गों का निर्माण (construction) तथा उनका अनुरक्षण (maintenance) करना है। इन ही को ध्यान में रखते हुए इस मन्त्रालय द्वारा सड़क परिवहन, राष्ट्रीय राजमार्गों और परिवहन शोध सम्बन्धी नियमों, अधिनियमों एवं कानूनों का निर्माण किया जाता है। किसी भी अर्थव्यवस्था पर सड़क परिवहन का विशेष प्रभाव पड़ता है। यह ही किसी भी देश की प्रगति (progress), अवसंरचना (infrastructure) एवं पद्धति (system) पर विशिष्ट प्रभाव डालती है। भारत जैसे देश में अभी भी इस दिशा में पर्याप्त कार्य किये जाने की आवश्यकता है, क्योंकि यहाँ 60% भाड़े एवं 85% यात्री परिवहन के लिए सड़क परिवहन का उपयोग किया जाता है।

वाहन नीति 2002 Auto Policy 2002
इस नीति के मूल में भारत में वैश्विक प्रतिस्पर्धा में ऑटोमोटिव उद्योग की स्थापना और वर्ष 2010 में इसका योगदान दुगना करना था। नीति का ध्येय सेक्टर के लिए उन्नति की दिशा तय करना था। साथ ही निरन्तर तकनीकी उन्नयन करना था। इसने कम धुआँ देने वाली ऑटो तकनीकों और ऑटो उत्पादकों को स्व-सक्षम स्तर तक पर्याप्त ऑटो ईंधन उपलब्धता पर बल दिया। इस नीति के अन्तर्गत निश्चित ध्येयों का लाभ देश में देखने को तब मिला जब विभिन्न सेक्टरों में भिन्न क्षमताओं के वाहनों का निर्माण देश में बढ़ा। इसके व्यापक उददेश्य निम्न थे
1. ऑटो सेक्टर में भारत की पहुँच विश्वव्यापी बनाना उच्च गुणवत्तापूर्ण तकनीकी आधारित विकास और वृहद् उत्पादन करना।
2. उच्च तकनीक चालित ऑटो उत्पादों का निर्यात करना।
3. ऑटो इंजीनियरिंग के साथ भारत की क्षमता को सूचना प्रौद्योगिकी तथा इलेक्ट्रॉनिक्स पर केन्द्रित करना।
4. राष्ट्र में उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर राष्ट्र में उच्च स्तरीय रोजगार के अवसरों का सृजन करना।

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