Answer for चादर का उपयोग कहा किया जाता है

सुन्दर-सुन्दर कमरों का घर पर्दो व कारपेट से सुसज्जित हो जाने के बाद वहां के पलंगों के लिए चादरों का भी चुनाव करना चाहिए। शयन कक्ष हो या ड्राइंग रूम का दीवान, सभी के गद्दों पर चादरों का एक अनोखा स्थान होता है। शयनकक्ष में तो डबल बैड पर खूबसूरत मैचिंग की चादर अच्छी लगेगी और उसी से मिलते हुए तकिए उस पर सजे हुए सुन्दर प्रतीत होते हैं। चादरें कई तरह की बनती हैं – शीटिंग, मैटिंग, केसमैन्ट तथा साटिन तथा सिल्क साटन आदि की चादरें अनेकों रंगों में,अनेकों प्रिन्ट में बनती हैं। यदि दीवान या सिंगल बैड है तो उसके लिए सिंगल चादर तथा डबल बैड के लिए डबल बैड शीट लेनी चाहिए। चादरों के आकार और साइज निश्चित ही होते हैं। चादर ऐसी लें जो कि बैड से 15 से 20 सेमी. तक लटकती हो। आजकल तो फोम मैट्रस (foam mattress) के जो गद्दे चलते हैं, उसमें चादरें दबा दी जाती हैं ताकि साफ-सुथरा बिस्तर देखने में अच्छा लगता है। चादर यदि थोड़ी मोटे कपड़े की लें तो बिस्तर पर सिकुड़ती नहीं है। अन्यथा चादर में सिकुड़न पड़ जाती है। अतः मोटे कपड़े अर्थात thick material की चादर पसन्द करनी चाहिए। दिन के समय रंगीन चादर का प्रयोग करें तथा रात्रि के समय सफेद चादर कमरे में एक अनोखी शान्ति का अहसास कराती है। चादरों से मेल खाते हुए प्लेन या प्रिन्टिड तकिए एक ही तरीके के एक ही कपड़े के मिल जाते हैं। सुन्दर-सुन्दर बिछावन पर एक जैसा चादर व तकिया ही सुन्दर लगता है चाहे वह हल्के रंग में हो या प्रिन्टिड हो। यदि चादरों से मेल के तकिए न मिलें तो प्लेन मैचिंग कपड़ा लेकर अथवा तकिए के गिलाफ बना सकते हैं। या स्टैण्डर्ड साइज के बनवाएं अथवा तकिए के नाप से 1″ या 1/2 ” फालतू अवश्य रखें ताकि तकियों पर चढ़ाने में दिक्कत न आने पाए।

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