Answer for टाँग टैस्टर द्वारा बैटरी की आवेशित अवस्था की जाँच कैसी की जाती है ?

इसमें एक लकड़ी के दस्ते पर दो नुकीली लौह छड़ें तथा एक वोल्टमीटर जड़े होते हैं। छड़ों के ऊपरी सिरे, वोल्टमीटर से संयोजित होते हैं। छड़ों के मध्य में लोड-प्रतिरोधक तथा एक इण्डीकेटर लैम्प संयोजित होता है। छड़ों की दूरी इतनी रखी जाती है कि वह लैड-एसिड बैटरी के एक सैल के संयोजकों के ऊपर ठीक बैठे। जब इस टैस्टर की छड़ों को लैड-एसिड सैल के संयोजकों पर दाब के साथ संयोजित करते हैं तो लोड-प्रतिरोधक में से उच्च मान की विद्युत धारा प्रवाहित होती है और यन्त्र का वोल्टमीटर, वोल्टेज दर्शाता है। यह वोल्टेज, सैल की चार्ज अवस्था दर्शाता है। यदि वोल्टेज का मान तीव्रता से घटने लगता है और 27 से नीचे गिर जाता है तो इसका अर्थ है कि सैल, बहत कम आवेशित है।

गैस-डिस्चार्ज द्वारा By Gas-discharge
यदि लैड-एसिड सैल से कोई गैस नहीं निकलती, तो इसका अर्थ है कि सैल पूर्ण रूप से अनावेशित (discharged) है। यदि गैस के बुलबुले धीमी गति से निकल रहे हैं, तो बैटरी अर्द्ध-आवेशित है। यदि गैस के बुलबुले तीव्रता से एवं लगातार निकल रहे हैं, तो बैटरी पूर्ण आवेशित हो चुकी है। नोट उपरोक्त तीनों प्रकार की जाँच विधियों में ‘हाई-रेट अनावेशित सैल-टैस्टर’ विधि सबसे अधिक विश्वसनीय है।

बैटरी अनुरक्षण Battery Maintenance
लैड-एसिड बैटरियों को लम्बे समय तक कार्य करने योग्य बनाए रखने के लिए उनका नियमित अनुरक्षण आवश्यक है अन्यथा ये कुछ ही समय में निष्प्रयोज्य (unserviceable) हो जाती हैं। इस विषय में निम्न बिन्दुओं की ओर ध्यान देना आवश्यक है
1. नई बैटरी से अधिक-से-अधिक कार्य लेना चाहिए, जिससे कि वह क्रियाशील हो जाए।

2. बैटरी को सप्ताह में एक बार अनावेशित कर (अर्थात् उससे कार्य लेकर) पुन:आवेशित (recharge) अवश्य करते रहना चाहिए।

3. बैटरी को लम्बे समय तक विसर्जित अवस्था में नहीं पड़े रहने देना चाहिए अन्यथा उसमें ‘सल्फेशन’ दोष पैदा हो जाता है और उसे पुन:आवेशित करना कठिन हो जाता है।

4. बैटरी आवेशन की दर Ah/10 से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसी प्रकार बैटरी विसर्जन की दर सामान्यत: 25A से अधिक नहीं होनी चाहिए – अन्यथा बैटरी में ‘बकलिंग’ दोष पैदा हो जाता है और वह ‘शॉर्ट-सर्किट’ होकर निष्प्रयोज्य हो जाती है।

5. बैटरी की प्लेटें, इलेक्ट्रोलाइट में पूरी तरह डूबी रहनी चाहिए और इलेक्ट्रोलाइट का तल प्लेटों से लगभग 0.5 सेमी ऊपर होना चाहिए,अन्यथा प्लेटों का ऊपरी भाग निष्क्रिय हो जाएगा। समय-समय पर बैटरी में आसुत जल (distilled water) डालते रहना चाहिए।

6. आवश्यक होने पर बैटरी में केवल आसुत जल ही डालना चाहिए। साधारण जल डालने से, जल की अशुद्धियाँ बैटरी की तली में एकत्र हो जाएँगी और उसमें सेडीमेन्टेशन दोष तीव्रता से विकसित होने लगेगा।

7. बैटरी के इलेक्ट्रोलाइट के आपेक्षिक घनत्व का मान 1.18 से कम हो जाने पर उससे कार्य लेना बन्द कर देना चाहिए, अन्यथा उसे पुन: आवेशित करना कठिन हो जाएगा।

8. बैटरी संयोजकों को समय-समय पर गर्म पानी में भीगे कपड़े से साफ कर एवं सुरक्षा कर उन पर ग्रीस का पतला लेप करते रहना चाहिए, जिससे कि ‘कोरोजन’ दोष न होने पाए।

9. बैटरी आवेशन के समय बैटरी के समस्त वैन्ट-प्लग खोलकर अलग रख देने चाहिए, जिससे कि आवेशन के समय बैटरी से निकलने वाली __गैसें सुगमता से निकल सकें।

10. बैटरी आवेशन कक्ष में स्वच्छ वायु का निर्बाध आवागमन होना चाहिए और कक्ष में ज्वलनशील पदार्थ रखा हुआ नहीं होना चाहिए।

11. बैटरी आवेशन कक्ष में आग न जलाएँ और न ही बीड़ी-सिगरेट आदि पिएँ. क्योंकि बैटरी से निकलने वाली गैसें ज्वलनशील होती हैं।

12. बैटरी अनुरक्षण कार्य को दायित्वपूर्ण ढंग से सम्पन्न करना चाहिए और इस कार्य का एक रिकॉर्ड बना लेना चाहिए, जिसमें साप्ताहिक, पाक्षिक, मासिक एवं त्रैमासिक अनुरक्षण कार्य का विवरण अंकित किया जाना चाहिए।

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