Answer for टीसीपी तकनीक की क्या अवधारणा होती है

TCP तकनीक का मुख्य कार्य कम्प्यूटर नेटवर्क में होस्ट कम्प्यूटर पर कनेक्शन का निर्माण करना है। इस कनेक्शन का प्रयोग करके एक कम्प्यूटर दूसरे कम्प्यूटर से जुड़ता है।
 
– इस जुड़ाव में डेटा का एक प्रवाह सॉकेटों के एक समूह के द्वारा एक्सचेंज होता है। इस प्रक्रिया में प्रयोग हुआ TCP प्रोटोकॉल इस बात की पक्की व्यवस्था करता है कि डेटा अपने गन्तव्य स्थान तक पहुंचे और इसकी सही डिलीवरी हो।
 
TCP प्रोटोकॉल बहुत से कनेक्शनों और अलग-अलग एप्लीकेशनों को, जो कि एक ही होस्ट पर चल रहे होते हैं के लिये डेटा को अलग-अलग भी करता है।
 
– यदि होस्ट पर वेब सर्वर और ई-मेल सर्वर दोनों ही चल रहे हैं तो TCP ही दोनों के डेटा में अंतर करता है। यह इंटरनेट के और भी अनेक प्रोटोकॉल को सपोर्ट करता है और इसी के कारण आप इंटरनेट पर वर्ल्ड वाइड वेब, ई-मेल, फाइल ट्रांस्फर प्रोटोकॉल तथा सोर्स शेल को प्रयोग कर पाते हैं।
 
→ TCP प्रोटोकॉल, इंटरनेट प्रोटोकॉल सुइट के मध्य की लेयर की तरह से कार्य करता है। इसी वजह से इसका सम्पर्क अपने से ऊपर की लेयरों के अलावा नीचे वाली लेयरों से भी होता है। यदि नेटवर्क के OSI मॉडल की बात करें तो यह ट्रांसपोर्ट लेयर की तरह से कार्य करता है और इसी की वजह से डेटा पैकटों की डिलीवरी सही होती है। इस कार्य में एक अन्य ट्रांसपोर्ट लेयर इंटरनेट प्रोटोकॉल का प्रयोग भी किया जाता है जिसे UDP कहते हैं।
 
→ नेटवर्क पर प्रयोग किये जा रहे एप्लीकेशन डेटा को 8-बिट, बाइट के रूप में डिलीवरी के लिये TCP तक भेजते हैं। TCP इस बाइट के रूप में आ रहे डेटा प्रवाह को सही और उचित आकार में बदलता है।
 
– अब TCP इस परिणाम को IP को नेटवर्क के माध्यम से डिलीवरी के लिये भेज देता है। TCP इस बात की जांच करता है कि सभी डेटा पैकेट सही स्थान पर पहुंच गये हैं या नहीं।
 
– गन्तव्य पर जो TCP होता है वह डेटा प्राप्त होने पर इसकी सूचना डेटा भेजने वाले कम्प्यूटर के TCP प्रोटोकॉल को देता है। TCP इस बात का भी ध्यान रखता है कि कहीं कोई डेटा बाइट खराब तो नहीं हो गयी है। इसकी जांच डेटा पैकेट को रिसीव करने वाला TCP प्रोटोकॉल करता है।
 
– परम्परागत तरीके से प्रयोग होने वाले TCP का काउंटर पार्ट UDP, TCP प्रोटोकॉल के द्वारा डेटा भेजने से पहले उपलब्ध कराये गये कनेक्शनों के द्वारा तुरंत ही डेटा पैकेट भेजना स्टार्ट कर देता है। TCP कनेक्शन तीन चरणों में विभाजित होते हैं
 
उपरोक्त वर्णित तीनों चरणों को समझने के पहले यह अनिवार्य है कि आप end-point या फिर इंटरनेट सॉकेट की भिन्नभिन्न अवस्थाओं को समझ लें। ये अवस्थायें निम्नलिखत हैं
 
– LISTEN: यह अवस्था किसी रिमोट TCP और पोर्ट से की गयी कनेक्शन रिक्वेस्ट को दर्शाती है।
 
SYS-SENT: यह अवस्था रिमोट TCP के द्वारा की जा रही उस प्रतीक्षा को दर्शाती है जो SYN और ACK फ्लैग के साथ डेटा पैकेट के वापसी के सन्दर्भ में होती है। .
 
SYNRECEIVED: इस अवस्था में रिमोट TCP प्रोटोकॉल को कनेक्शन की जानकारी (Acknowledgement) प्राप्त होने करने बाद डेटा पैकेट के वापस भेज देने की जानकारी की प्रतीक्षा करता है।
ESTABLISHED: इसका अर्थ है कि पोर्ट अब तैयार है और आप रिमोट TCP से डेटा प्राप्त भी कर सकते हैं और उसे भेज भी सकते हैं। • TIME-WAIT: यह वह अवस्था होती है जब रिमोट TCP इस बात को सुनिश्चित करने के लिये कुछ समय तक प्रतीक्षा करता है कि उसे कनेक्शन टर्मिनेशन की रिक्वेस्ट प्राप्त हो जाये। यह समय अधिकतम चार मिनट तक का हो सकता है।

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