Answer for ड्रिल बिट कितने प्रकार की होती है ?

बनावट के आधार पर ड्रिल बिट निम्न प्रकार के होते हैं

फ्लैट ड्रिल बिट Flat Drill Bit
यह एक साधारण प्रकार का ड्रिल है, जिसमें दो स्ट्रेट कटिंग एज (edge) होती हैं। इसको हाई-कार्बन स्टील की गोल छड़ से बनाया जाता है। गोल छड़ के एक सिरे को आगे से फोर्ज में गर्म करके चपटा पीट लिया जाता है। इसके पश्चात् रेती द्वारा या ग्राइण्डर से ग्राइण्ड करके इस चपटे भाग में 90° से 120° का कटिंग प्वॉइण्ट एवं कटिंग एजेज (cutting point and cutting edges) तैयार करते हैं। कटिंग एज में 3° से 8 का क्लीयरैन्स एंगिल (clearance angle) रखा जाता है। इसके बाद इसको ऊष्मा उपचार (heat treatment) द्वारा हार्ड व टेम्पर कर लिया जाता है। कटिंग एज आपस में एक-दूसरे के विपरीत रखी जाती हैं, जिससे क्लॉकवाइज (clockwise) घूमने पर एक साथ कटिंग प्रक्रिया कर सकें। फ्लैट ड्रिल का उपयोग आजकल मजबूरी में ही रफ कार्यों के लिए किया जाता है, क्योंकि इसके प्रयोग में निम्न कठिनाइयाँ आती हैं
1. इसमें स्क्रैप को बाहर निकालने की कोई व्यवस्था नहीं है, अत: गहरे छिद्र बनाने के लिए प्रयोग में नहीं लाया जा सकता।
2. इसके द्वारा होल साइज व स्थान की यथार्थता (accuracy) नहीं रखी जा सकती।
3. पीछे की शैंक पतली होने के कारण कमजोर रहती है।
4. कटिंग एज़ जल्दी गर्म हो जाती हैं तथा जल्दी खराब होती हैं।

स्ट्रेट फ्लूटेड ड्रिल बिट Straight Fluted Drill Bit
इस ड्रिल में दो सीधे फ्ल्यूट (flute) होते हैं, जो एक-दूसरे के विपरीत दिशा में अक्ष के समान्तर रहते हैं, जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है। ये स्ट्रेट शैंक व टेपर सेंक दोनों प्रकार के होते हैं। स्ट्रेट फ्लूटेड ड्रिल बहुत कम धातु काटते हैं, इसलिए मुलायम धातुओं में ड्रिल करने के लिए अधिक उपयुक्त हैं। ये ड्रिल छोटे साइज के होते हैं। इनकी नालियों में छीलन फँस जाती है, जो घूमकर ड्रिल द्वारा बनाये गए होल को खराब कर देती है, इसलिए इनका प्रयोग बहुत कम किया जाता है।

ट्विस्ट ड्रिल बिट Twist Drill Bit
ट्विस्ट ड्रिल ही आजकल सबसे अधिक प्रयोग किए जाते हैं। इनके प्रयोग से छीलन (chips) आसानी से बाहर आ जाती है, क्योंकि इनके फ्लूट्स (flutes) स्पाइरल आकार (spiral shape) के होते हैं। शीतलक भी आसानी से कटिंग एज तक पहुँच जाता है। इन ड्रिलों के द्वारा कटिंग सबसे अधिक तेजी से होती है। ये हाई-स्पीड स्टील व हाई-कार्बन स्टील के बनाये जाते हैं। इनकी कटिंग एजेज (cutting edges) में पर्याप्त क्लीयरैन्स एंगिल दी गयी होती है, जिस कारण ये किसी भी धातु को आसानी से काटते हुए आगे बढ़ते हैं।

Back to top button