Answer for धातुओं के गुणधर्म के नाम

मशीन शॉप या कारखानों में हम अधिकतर धातुओं से निर्मित कच्चे माल पर कटिंग प्रक्रिया करके उन्हें उपयोगी वस्तुओं में बदलते हैं; जैसे—टीन के डिब्बे, मोटर की शाफ्ट या किसी शाफ्ट का बुश बियरिंग आदि। ऐसी ही सभी प्रकार की वस्तुओं का निर्माण धातुओं से किया जाता है। पारे को छोड़कर सभी धातुएँ ठोस होती हैं। उन्हें पीटकर चादर के रूप में फैलाया जा सकता है तथा तार के रूप में खींचा जा सकता है। ये विद्युत की सुचालक (Good Conductor Of | Electricity) होती हैं।
धातुओं के गुणधर्म
Properties Of Metalsin Hindi धातुओं के गुणों को मुख्य रूप से तीन भागों में बाँटा जा सकता है।
भौतिक गुणधर्म : किसी धातु के वे गुणधर्म हैं जो बिना धातु को नष्ट किए, मात्र छुने, देखने आदि से ज्ञात किए जा सकते हैं। भौतिक गुणधर्मों के अन्तर्गत धातु के रंग, घनत्व, चालकता व गलनीयता का संज्ञान लिया जाता है।
यान्त्रिक गुणधर्म : विभिन्न प्रकार के बलों के प्रभाव में धातु की प्रतिक्रिया को दर्शाने वाले गुणधर्म यान्त्रिक गुणधर्म (Mechanical Properties) कहलाते हैं। इंजीनियरिंग में धातुओं के यान्त्रिक गुणधर्मों का गहन अध्ययन किया जाता है, क्योंकि किसी भी मशीन की सफलता इन्हीं गुणों पर आधारित है। यान्त्रिक गुणधर्मों के अन्तर्गत धातु की कठोरता, चीमड़पन, भंगुरता, तन्यता आघातवर्धनीयता, प्रत्यास्थता, प्लास्टिकता, तनन सामर्थ्य व मशीनन योग्यता का संज्ञान लिया जाता है।
रासायनिक गुणधर्म
1. पारे के अतिरिक्त अन्य सभी धातुएँ ठोस होती हैं।
2. धातुओं की प्रवृत्ति इलेक्ट्रॉन का त्याग करने की होती है।
3. सभी धातुएँ प्रकृति में संयुक्त अवस्था में पाई जाती हैं।
4. सभी धातुएँ आघातवर्धनीय होती हैं।

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