Answer for धातु-चादर शाला में कौन -कौन सी चादरों का प्रयोग किया जाता है और ये कितने प्रकार की होती है ?

धातु-चादर शाला में विभिन्न प्रक्रमों को सम्पन्न करने के लिए विविध किस्म की चादरों का उपयोग किया जाता है और चादरों की मोटाई को मानक वायर गेज (Standard Wire Gauge, SWG) के नम्बर द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। यह नम्बर जितना कम होगा चादर उतनी ही अधिक मोटी होगी तथा यह नम्बर जितना अधिक होगा चादर उतनी ही अधिक पतली होगी। धातु-चादर शाला में प्रयोग होने वाली विभिन्न प्रकार की चादरें निम्न प्रकार की होती हैं

लोहे की चादरें Iron Sheets
लोहे की चादरें ही धातु-चादर शाला (sheet-metal shop) में सबसे अधिक प्रयोग होती हैं। ये कई प्रकार की होती हैं

काली लोहे की चादरें Black Iron Sheets
रॉट आयरन (wrought iron) की बनी कोरी (अलेपित) चादरें, लोहे की काली चादर के नाम से जानी व पहचानी जाती हैं। संक्षारण अवरोधी न होने के कारण वायुमण्डलीय प्रभाव में इन पर मोर्चा लग जाता है। इस कारण इनका रंग भूरा-काला हो जाता है। ये चादरें मुलायम (soft), डक्टाइल (ductile) तथा आघातवर्ध्य (malleable) होती हैं। इन्हें कम्पोनेन्ट बनाने के बाद में पेन्ट किया जाता है। इनका उपयोग, टंकियों (tanks), बाल्टियों, पाइपों आदि को बनाने में किया जाता है। ये चादरें 1.0 मीटर अथवा 1.2 मीटर चौड़ाई के रोल्स (rolls) के रूप में मिलती हैं, जिन्हें आवश्यकता के अनुसार 2 मीटर, 2.5 मीटर अथवा 3 मीटर लम्बाई में काट लिया जाता है।

गैल्वेनाइज्ड लोहे की चादरें Galvanised Iron Sheets
काली लोहे की चादर को जंगरोधी (corrosion resistant) बनाने के लिए उसको पिघले हुए जस्ते (zinc) में डुबोकर उस पर जिंक की एक पतली परत चढ़ा दी जाती है। इस जिंक की परत चढ़ी हुई शीट को गैल्वेनाइज्ड लौह चादर (GI sheet) कहते हैं। इनका उपयोग पानी की टंकी, अनाज रखने की टंकी, बक्से, बसों की बॉडी आदि बनाने के लिए किया जाता है।

टिन लेपित चादरें Tin Coated Sheets
जिंक के समान, लोहे की चादरों पर, टिन धातु का लेप भी किया जाता है। टिन लेपित लोहे की चादरें अधिक खूबसूरत तथा प्लेन होती हैं। इनको खाद्य वस्तएँ रखने के डिब्बे बनाने में तथा खाद्य तेलों को भरने के लिए डिब्बे बनाने में प्रयोग किया जाता है।

ताँबे की चादरें Copper Sheets
लोहे की चादरों की तुलना में ये अधिक मुलायम तथा आघातवर्ध्य होती हैं। इसमें लचक (flexibility) अधिक होती है। इसे आसानी से किसी भी आकार (shape) में मोड़ा जा सकता है। ऊष्मा तथा विद्युत का सुचालक (good conductor of heat and electricity) होने के कारण आजकल इसका उपयोग बिजली के सामान, गीजर, पाइप, रेडिएटर आदि को बनाने में अधिक होता है। ताँबे की चादर बाजार में 1.2 मी x 1.2 मी अथवा 1.2 मी x 0.60 मी के साइज में अधिक उपलब्ध हैं।

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