Answer for फ्यूल गेज Fuel Gauge क्या होता है ?

ट्रैक्टर की टंकी में कितना ईंधन शेष है यह दर्शाने के लिए फ्यूल गेज का प्रयोग किया जाता है। इसमें दो इकाइयाँ (units) प्रयोग होती हैं
1. टैंक यूनिट जिसमें एक लीवर के साथ प्रतिरोध होता है।
2. गेज यूनिट जोकि सील्ड होता है। इस पर बाहर की ओर डायल पर गेज बना होता है तथा अन्दर की ओर दो विद्युत चुम्बक हेतु क्वॉयल फिट रहती हैं। इन क्वॉयलों के मध्य एक प्वॉइण्टर की व्यवस्था रहती है जो डायल पर रीडिंग बताता है।

टैंक यूनिट का फ्लोट ईंधन पर तैरता रहता है। जब ईंधन की मात्रा कम या अधिक होती है तो फ्लोट भी यथा स्थिति ऊपर या नीचे चलता है। इससे उसमें लगा आर्म भी रेजिस्टैन्स के ऊपर खिसकता है। इस प्रकार फ्यल गेज सर्किट गेज में रेजिस्टैन्स में अन्तर पड़ता रहता है। यह अन्तर अपना प्रभाव गेज यनिट में लगे मैग्नेट क्वॉलों पर भी डालता है, जिसके कारण प्वॉइण्टर इधर या उधर चलता है। जब रेजिस्टैन्स कम होगा तो चुम्बक अधिक प्रभावशाली बनता है। इस कारण प्वॉइण्टर उस ओर के क्वॉयल की ओर आकर्षित होता है। डायल पर एक ओर (E) एम्पटी लिखा होता है। इसके विपरीत यदि ईंधन की मात्रा टैंक में अधिक होती है तो रेजिस्टैन्स के अनुपात में ही अधिक प्रभावशाली चुम्बक दूसरे क्वॉयल में बनता है तथा प्वॉइण्टर उस ओर आकर्षित होता है। उसी ओर (F) फुल लिखा होता है। (F) तथा (E) के मध्य टैंक की क्षमता के अनुसार अन्य निशान भी डायल पर बने होते हैं जिनकी सहायता से प्वॉइण्टर की स्थिति देखकर टैंक में ईंधन की मात्रा का अन्दाज किया जाता है।

इलेक्ट्रिकल ऑयल प्रेशर गेज Electrical Oil Pressure Gauge
ट्रैक्टर के इंजन को सुगमता से चलाने में इंजन लुब्रीकेशन ऑयल का महत्त्वपूर्ण योगदान होता है। इंजन पम्प में लुब्रीकेशन ऑयल के तथा उसका पर्याप्त दबाव बना रहा है यह दर्शाने के लिए ऑयल प्रेशर गेज प्रयोग किया जाता है। ये दो प्रकार के होते हैं
1. डायल टाइप तथा
2. लैम्प टाइप।

वाटर टेम्प्रेचर गेज Water Temperature Gauge
इंजन की सामान्य कार्यक्षमता सुनिश्चित करने के लिए यह आवश्यक है कि चालक को रेडिएटर में पानी के तापक्रम का ज्ञान होता रहे। इसके लिए एक वाटर टेम्प्रेचर गेज का प्रयोग किया जाता है। इसमें मुख्य रूप में दो भाग काम करते हैं
1. वाटर टेम्प्रेचर प्लग तथा
2. टेम्प्रेचर गेज।
ये गेज पल्स टाइप गेज होते हैं जिन्हें इन्स्ट्रमेन्ट पैनल बोर्ड पर लगाया जाता है। इस गेज में अन्दर की ओर एक फिक्सड कॉन्टैक्ट प्वॉइण्ट लगा रहता है। यह प्वॉइण्ट वाटर टेम्प्रेचर प्लग से जुड़ा रहता है। दूसरा कॉन्टैक्ट प्वॉइण्ट बाई-मैटल स्ट्रिप से सम्बद्ध रहता है जिसके ऊपर हीटर क्वॉयल रहती है। यह हीटर क्वॉयल टर्मिनल तथा प्रतिरोध के द्वारा गेज से जुड़ी रहती है। जब इंजन चलता है तथा रेडिएटर का पानी गर्म होता है, उस समय बाईं-मैटल स्ट्रिप भी गर्म होकर सीधी हो जाती है तथा प्वॉइण्टर कुछ समय के लिए खुलते व बन्द होते हैं। इस कारण कम करण्ट गेज में जाती है तथा इसका प्रभाव प्वॉइण्टर द्वारा गेज के डायल पर ज्ञात होता है। इससे पानी के तापक्रम को जाना जाता है।

Back to top button