Answer for मोबाइल फोन ऑपरेटिंग सिस्टम किसे कहते है

मोबाइल फोन में ऑपरेटिंग सिस्टम वही काम करता है जो कम्प्यूटर में विंडोज़ या कोई अन्य ऑपरेटिंग सिस्टम। अंतर केवल इतना होता है कि मोबाइल फोन या स्मार्टफोन का ऑपरेटिंग सिस्टम कुछ मामलों में कम्प्यूटर के ऑपरपरेटिंग सिस्टम से ज्यादा सक्षम होता है। इसका कारण है कि मोबाइल या स्मार्टफोन में डेटा इनपुट के लिये कोई अतिरिक्त की-बोर्ड नहीं होता है इसलिये इसकी स्क्रीन की टच तकनीक ही की-बोर्ड का काम करती है। इसके अलावा कम्युनिकेशन के अनेक कार्य भी यह ऑपरेटिंग सिस्टम ही करता है। यह स्मार्टफोन को मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर के द्वारा प्रदत्त फोन कनेक्शन पर ही इंटरनेट के द्वारा डेटा ट्रांसमिट करने की सुविधा प्रदान करता है। इसके अलावा वाइ-फाइ से जुड़कर भी इंटरनेट के प्रयोग की सहूलियत देता है।मोबाइल या स्मार्टफोन में प्रयोग होने वाला ऑपरेटिंग सिस्टम वास्तव में दो तरह के ऑपरेटिंग के आपसी जुड़ाव का परिणाम होता है। एक तरह का ऑपरेटिंग सिस्टम मुख्य मल्टी यूजर फेसिंग सॉफ्टवेयर प्लेटफार्म होता है और दूसरा ऑपरेटिंग सिस्टम एक लो-लेवल रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम होता है जो फोन के रेडियो तथा अन्य हार्डवेयर को संचालित करने का कार्य करता है। यदि पहले ऑपरेटिंग सिस्टम वाले स्मार्टफोन की बात की जाये तो यह सन 1995 में बाजार में आया था और इसका निर्माण IBM ने किया था तथा इसका नाम IBM Simon था। यह टच स्क्रीन से युक्त था और इसमें PDA के तमाम फीचर थे। इसके बाद नोकिया और अन्य कम्पनियों ने भी ऑपरेटिंग सिस्टम से लैस अनेक स्मार्ट मोबाइल फोन्स को बाजार में उतारा है। वर्तमान समय में जिन ऑपरेटिंग सिस्टमों को प्रयोग किया जा रहा है

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