Answer for रैचेट हैण्ड ड्रिलिंग मशीन कैसी होती है ?

यह मशीन भी ऑपरेटर द्वारा हाथ से चलाई जाती है, इसकी बनावट बहुत ही साधारण होती है। इसमें एक कास्ट आयरन के बेस के ऊपर एक कॉलम लगा होता है, जिस पर एक दाब भुजा (pressure arm) होती है। जॉब को क्लैम्प करने के लिए दाब भुजा के नीचे कॉलम पर एक छोटी क्लैम्पिग भुजा भी होती है, जिसके द्वारा जॉब को बेस प्लेट पर क्लैम्प करते हैं। दाब भुजा के नीचे की ओर बने होल में रैचेट ड्रिल का ऊपर का शंक्वाकार भाग फंसा होता है। रैचेट ड्रिल के ऊपर के भाग को रैचेट कहते हैं जिसमें एक फीड स्क्रू लगा होता है, जिसके द्वारा ड्रिल को फीड दी जाती है। रैचेट में एक डॉग (dog) लगा होता है, जिसके साथ एक हत्था लगा रहता है। हत्थे को क्लॉकवाइज दिशा में घुमाने पर ड्रिल घूमता है, परन्तु वापस आने पर ड्रिल वापस नहीं आता। यह व्यवस्था डॉग (dog) के द्वारा बना ली जाती है। दाब भुजा द्वारा ड्रिल पर लगातार दाब पड़ता रहता है। यद्यपि इस मशीन की चाल बहुत धीमी है, परन्तु विशेष कार्यों के लिए उपयोगी है। .

पोर्टेबल इलेक्ट्रिक हैण्ड ड्रिल मशीन Portable Electric Hand Drill Machine
इस मशीन में स्पिण्डल को घुमाने के लिए शक्ति विद्युत मोटर के द्वारा प्राप्त होती है। मोटर के चक्कर बहुत अधिक होते हैं, इसलिए सीधे मोटर के स्पिण्डल पर ही ड्रिलिंग चक को नहीं लगाते। मोटर व ड्रिलिंग चक की शाफ्ट के मध्य गियर ट्रेन (gear train) के द्वारा ड्रिलिंग चक की गति को कम कर लिया जाता है। इस सारे यन्त्र को एक एल्युमीनियम अलॉय की बॉडी में सहारा जाता है। ड्रिलिंग करते समय दाब डालने के लिए बॉडी के ऊपर व साइड में हैण्डिल लगे होते हैं, जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है। मशीन को चलाने के लिए मशीन के हैण्डिल में ही एक स्विच की व्यवस्था रहती है। ड्रिल चक में ड्रिल को कसकर एक व्यक्ति ही इसको चलाने में समर्थ है। कुछ भारी ड्रिल मशीनों के ऊपर ब्रैस्ट प्लेट की भाँति का हैण्डिल रहता है। इनके द्वारा 16 मिमी तक का डिल प्रयोग किया जा सकता है। छोटे छिद्र करने के लिए उच्च गति की मशीनें प्रयोग की जा सकती हैं।

न्यूमैटिक हैण्ड ड्रिलिंग मशीन Pneumatic Hand Drilling Machine
कोयले की खानों में या अन्य स्थानों पर जहाँ पर विद्युत मोटर में होने वाली स्पार्किंग से आग लगने का खतरा हो, न्यूमैटिक हैण्ड ड्रिलिंग मशीन का उपयोग किया जाता है। इस मशीन में सम्पीडित वायु (compressed air) के द्वारा एक रोटर को घुमाया जाता है। यह रोटर एक गियर ट्रेन द्वारा एक स्पिण्डल को घुमाता है जिस पर ड्रिलिंग चक (drilling chuck) लगा होता है। मोटर को सहारने के लिए ऊपर एक हैण्डिल होता है जिस पर एक ट्रिगर (trigger) लगा होता है। इसी के पीछे एक फ्लैक्सिबिल पाइप द्वारा सम्पीडित वायु को भेजा जाता है। इलेक्ट्रिक मशीनों की तुलना – में यह मशीन बड़ी होती है। चित्र में न्यूमैटिक हैण्ड ड्रिल मशीन को दर्शाया गया है।

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