Answer for वायवीय यान्त्रिकी क्या होती है ?

वायवीय (pneumatic) यान्त्रिकी तकनीकी का वह क्षेत्र है जिसके अन्तर्गत यान्त्रिक गति को प्राप्त करने के लिए दाबित (pressurised) गैसों के अनुप्रयोग के बारे में अध्ययन करते हैं। इसका प्रयोग संकुचित हवा को प्रेषित कर विभिन्न साधनों को नियन्त्रित करने के किया जाता है। वायवीय यान्त्रिक मुख्य रूप से ट्रेन के दरवाजों को खोलने या बन्द करने, स्वतः, उत्पादन लाइनों को चलाने या नियन्त्रित करने के लिए प्रयोग में लायी जाती है। संकुचित हवा के दबाव से कार्य करने वाली यह यान्त्रिकी आज के इस मशीन युग का अभिन्न अंग है। लगभग प्रत्येक मशीन इस प्रणाली के उपयोग से कार्य क्षमता में बढ़ाव की ओर अग्रसर है। इसके उपयोग से भारी मशीनी कार्य को अधिक क्षमता, कम श्रम शक्ति और अधिक दक्षता से किया जाता है। इसमें प्रयोग किया जाने वाले नियन्त्रक सर्किट मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स पर आधारित होते हैं। इंजीनियरिंग क्षेत्र में वायवीय यान्त्रिकी का उपयोग दाबित गैसों की सहायता से यान्त्रिक गति पैदा करने के लिए किया जाता है। इसका व्यापक रूप से प्रयोग उद्योगों, उद्यमों तथा निर्माण कार्यों में मशीनों में प्रयुक्त सम्पीडित (compressed) गैस एवं सम्पीडित इनर्ट गैस द्वारा किया जाता है, क्योंकि इस पर आधारित मशीनों के मध्य विद्युत प्रेरित सम्पीडक (compressor) उपस्थित होता है, जो सोलेनॉयड (solenoid) वाल्व की मदद से मशीनों में प्रयुक्त सिलेण्डर तथा अन्य वायवीय युक्तियों को शक्ति प्रदान करता है। इस तरह की मशीनें विश्वसनीय, सुरक्षित तथा मितव्ययी होती हैं। वायवीय यान्त्रिकी पर आधारित मशीनें एवं युक्तियाँ निम्नलिखित हैं:
1. सम्पीडित वायु इंजन (compressed air engine),
2. सम्पीडित वायु वाहन (compressed air vehicle),
3. अभ्यास मशीनें (exercise machines),
4. वायवीय सिलेण्डर (pneumatic cylinder) तथा
5. वायवीय टायर (pneumatic tyre)|

सम्बन्धित पद Related Terms
क्रान्तिक ताप Critical Temperature वह ताप जिसके ऊपर किसी गैस को दाब बढ़ाकर द्रवित नहीं किया जा सकता वह उस गैस का क्रान्तिक ताप कहलाता है। (जहाँ R= गैस स्थिरांक, b = वान्डर वाल्स स्थिरांक) 80 T-27Rb

परम शून्य Absolute Zero
वह काल्पनिक ताप जिस पर गैसों का आयतन शून्य हो जाए, उसे परम शून्य कहते हैं।

प्रयुक्त सिद्धान्त Used Principles बॉयल का नियम Boyle’s Law
स्थिर ताप पर किसी गैस की निश्चित मात्रा का आयतन, दाब के व्युत्क्रमानुपाती होता है। (स्थिर ताप पर) चार्ल्स का नियम Charle’s Law स्थिर दाब पर किसी गैस की निश्चित मात्रा का आयतन, परमताप के समानुपाती होता है। V«T (स्थिर दाब पर)

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