Answer for स्टीयरिंग व्हील क्या होता है ?

स्टीयरिंग व्हील आकार में गोल व हार्ड रबर या प्लास्टिक का बना होता है। स्टीयरिंग व्हील को साँचे में ढालते समय इसके अन्दर स्टील तार डाल दी जाती है, ताकि इसके अन्दर मजबूती बनी रहे। स्टीयरिंग व्हील के सेन्टर हब में स्प्लाइन (spline) कटे होते हैं। इन स्प्लाइन में स्टीयरिंग शाफ्ट को फिट किया जाता है।

बाहरी ट्यूब Outer Tube
यह एक खोखली ट्यूब होती है, जिसका एक भाग स्टीयरिंग व्हील के पास जाकर समाप्त होता है। इसी भाग में एक बुश लगा होता है, जिसके । अन्दर स्टीयरिंग शाफ्ट आसानी से घूमती है। स्टीयरिंग शाफ्ट Steering Shaft स्टीयरिंग शाफ्ट का एक भाग स्टीयरिंग व्हील तथा दूसरा भाग स्टीयरिंग बॉक्स के अन्दर वर्म के साथ फिट होता है। इस शाफ्ट के दोनों सिरों पर एक-एक बियरिंग दिया जाता है, ताकि स्टीयरिंग शाफ्ट आसानी से घूम सके।

स्टीयरिंग गियर Steering Gear
बॉक्स हाउसिंग के अन्दर स्टीयरिंग गियर को वर्म के साथ फिट किया जाता है। गियर के समकोण पर क्रॉस शाफ्ट फिट होती है। इसका स्नेहन करने के लिए गियर ऑयल का प्रयोग करते हैं।

क्रॉस शाफ्ट Cross Shaft
क्रॉस शाफ्ट का दूसरा नाम रॉकर शाफ्ट है। इसका एक सिरा चलित गियर (drivengear) के साथ समकोण पर फिट होता है तथा दूसरे सिरे पर लम्बी झिर्रियाँ कटी होती हैं, जिस पर ड्रॉप आर्म को काटर सहित फिट किया जाता है। यह हार्ड स्टील की बनी होती है।

ड्रॉप आर्म Drop Arm
इसको स्टीयरिंग आर्म या पिटमैन आर्म भी कहते हैं। ड्रॉप आर्म को भट्ठी में लोहे को पिघलाकर बनाया जाता है। इसका एक सिरा क्रॉस शाफ्ट से जुड़ा रहता है तथा दूसरे सिरे पर ड्रैग लिंक बँधा रहता है। यह क्रॉस शाफ्ट के घूमने से लिंक को आगे-पीछे ले जाता है, जिससे ट्रैक्टर घुमाने पर दाएँ या बाएँ मुड़ जाता है।

टाई रॉड Tie rod
टाई रॉड और ड्रैग लिंक मोटे इस्पात (steel) के पाइप की बनाई जाती हैं। इसके दोनों सिरों पर चूड़ियाँ कटी होती हैं। एक ओर सीधी तथा दूसरी ओर उल्टी चूड़ी होती है। ड्रैग लिंक का कार्य स्टीयरिंग की गति (motion) को स्टब एक्सेल पर लगे आर्म पर पहुँचाने के लिए होता है, जबकि पुश रॉड का कार्य दोनों स्टब एक्सेलों के आर्म को जोड़ना है।

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