पैरिटी एरर क्या होती है

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itipapers Staff asked 2 years ago

पैरिटी एरर क्या होती है What is parity Parity How to find parity of binary number Game of parity code What is parity bit Types of parity in pregnancy Parity check What is parity in digital Electronics

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itipapers Staff answered 1 year ago

पैरिटी एरर इस बात को दर्शाती है कि मदरबोर्ड में मेमोरी के सर्किट में ऐसी खामी पाई है जिसकी वजह से वास्तविक स्टोर डेटा में बदलाव आ गया है। ऐसी अवस्था में मेमोरी स्टिक को बदलने की नौबत तक आ सकती है। लेकिन कई बार कॉन्फीगुरेशन ठीक करने पर या फिर मदरबोर्ड की जंपर सेटिंग छेड़ने पर इस समस्या से छुटकारा मिल जाता है।

⇨ जनरल और ग्लोबल प्रोटेक्शन फॉल्ट: यह एक सामान्य एरर है जो इस बात को दर्शाती है कि प्रोग्राम मेमोरी में जाकर करेप्ट हो गया है। जैसे ही आप एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर रन करेंगे वह पूरा चलने के बजाए उसी समय टर्मिनेट हो जाएगा। इसका मुख्य कारण प्रोग्राम की खराबी ही होता है।

⇨ फैटल एक्सेप्शन एरर: यह एरर उस समय आती है जब मेमोरी में इनबैलेट डेटा या कोड चला जाता है। इस एरर के समय आप मेमोरी स्टिक को निकालकर दोबारा लगाएं।

⇨ डिवाइड एरर: यह भी एक जनरल परपज़ एरर है और इसका अर्थ यह होता है कि किया गया ऑपरेशन निर्धारित रजिस्टर में फिट नहीं बैठ रहा है। ⇨ यह तो थीं वह सामान्य एरर जो अक्सर हमारे सामने आ सकती हैं। इनसे बचने के लिए या इन्हें दूर करने के लिए आपको निम्न प्रक्रिया से गुजरना होगा

1. सबसे पहले कम्प्यूटर को ऑन करें और पॉवर ऑन सेल्फ टेस्ट होने दें। यदि यह टेस्ट बिना किसी एरर के संपन्न हो जाता है तो इसका अर्थ यह है कि मेमोरी की जांच पूरी हो गई है और वह ठीक है। यदि इस दौरान कोई एरर मैसेज आए तो आपको एरर दूर करने के लिए एक प्रोसीज़र से गुजरना होगा।

2. कम्प्यूटर को दोबारा स्टार्ट करें और F2 फंक्शन की को दबाकर बायोस सेटअप को सामने लाएं। F2 फंक्शन की को आप पॉवर ऑन सेल्फ टेस्ट के दौरान दबाएं। बायोस सेटअप में जाकर इस बात की जांच करें कि मेमोरी की यहां पर वही मात्रा सेट है जोकि कम्प्यूटर में है। यदि यह मात्रा अलग-अलग है तो आपको मेमोरी निकालकर दोबारा लगानी होगी या फिर बदलकर। सिस्टम प्रॉपर्टीज में रैम की सही मात्रा डिस्प्ले होगी।

3. बायोस सेटअप में जाकर कैच ऑप्शन को डिसैबल करके आप इसकी सेटिंग को सेव करें और कम्प्यूटर को दोबारा स्टार्ट करें।

4. कम्प्यूटर को एक सिस्टम डिस्क से बूट करने के बाद मेमोरी जांच प्रोग्राम को चलाएं। यदि यह प्रोग्राम किसी मेमोरी बैंक में गलती बता रहा है तो आप उस बैंक की स्टिक को बदलकर देखें।

5. यदि आपके कम्प्यूटर में ऑपरेटिंग सिस्टम के तौर पर माइक्रो विंडोज 7 इंस्टॉल है तो कम्प्यूटर को ऑन करते ही मेमोरी डायगनोस्टिक का विकल्प आयेगा। इस विकल्प को रन करने से मेमोरी की खराबियों का पता चल जाता है। यदि रैम में कोई खराबी है तो मैसेज स्क्रीन पर डिस्प्ले होगा।

6. इस मैसेज के आने पर रैम निकालकर फिर से लगायें और यदि यह मैसेज फिर भी आता है तो रैम बदलवा लें।

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