Answer for फायरवाल सेटअप किसे कहते है

फायरवाल का सेटअप आपके नेटवर्क पर निर्भर करता है। मुख्य रूप से दो तरह के फायरवाल सेटअप होते हैं
 
– ड्यूल होम्ड और डिमिलिटराइज्ड जोन (डीएमजेड)। ड्यूल होम्ड (डीएच) सेटअप: डीएच सेटअप में फायरवाल ट्रस्टेड (भरोसेमंद) और अनट्रस्टेड (अविश्वसनीय) नेटवर्कों के बीच होती है। इसके दो इंटरफेस होते हैं। ट्रस्टेड के लिए इंटर्नल फेस और अनट्रस्टेड नेटवर्क के लिए एक्सटर्नल अर्थात बाह्य फेस। ये इंटरफेस एक रूट पर एक ही मशीन या पोर्टों के लिए नेटवर्क कार्ड भी हो सकते हैं।
 
– दो नेटवर्कों के बीच सभी पैकेट इस फायरवाल से ही होकर जाने चाहिए। इसलिए अनट्रस्टेड नेटवर्क की ओर से आने वाला पैकेट सबसे पहले एक्सटर्नल इंटरफेस पर आएगा।
 
– दो नेटवर्कों के बीच सभी पैकेट इस फायरवाल से ही होकर जाने चाहिए। इसलिए अनट्रस्टेड नेटवर्क की ओर से आने वाला पैकेट सबसे पहले एक्सटर्नल इंटरफेस पर आएगा।
 
– इसके बाद फायरवाल इसकी पूर्व निर्धारित नियमों के अनुसार जांच करेगी। अगर सब कुछ ठीक निकला, तो फायरवाल पैकेट को इंटर्नल फेस के जरिए प्राइवेट नेटवर्क तक जाने की इजाजत दे देगा। जिस मशीन पर फायरवाल सेटअप लगा होता है, उसे बैस्टियन होस्ट कहते हैं।
 
– डीएमजेड सेटअप का उपयोग तब किया जाता है जब आपके पास प्राइवेट नेटवर्क हो। इसे इंटरनेट से बचा कर रखा जाना चाहिए। लेकिन इंटरनेट के जरिए आप लोगों को वेब और ईमेल जैसी सेवाएं भी देना चाहते हैं। ऐसी स्थिति में एसेस कंट्रोल नियमों से मशीन को सुरक्षित रखते हुए वेब, मेल और न्यूज सर्वरों को मुक्त रखना चाहिए।
 
• जिस क्षेत्र में पब्लिक सर्वर होते हैं उसे डिमिलिटराइज्ड जोन कहते हैं। यह क्षेत्र दो फायरवालों से घिरा होता है। एक फायरवाल F1 होती है जिसकी मदद से लोग पब्लिक सर्वरों से जुड़ सके। लेकिन दूसरी फायरवाल F2 के नियम कड़े हैं।
 
– अगर कोई फायरवाल F1 में घुस जाती है और मशीनों से जुड़ कर सेवाओं का फायदा लेने की कोशिश करती है, तो उसे F2 फायरवाल रोक लेगी।

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