Answer for फिजिकल लेयर के मुख्य एलीमेंट कौन से है

यह TCP/IP की पहली लेयर होती है। इसमें वह तत्व होते हैं जो हमें इंटरनेट से जोड़ते हैं। यह तत्व खास तकनीकों वाले उपकरणों के रूप में होते हैं, इन्हें आप हार्डवेयर भी कह सकते हैं। इसमें जिन उपकरणों या तकनीकों को प्रयोग किया जाता है वे हैं
 
• इंटीग्रेटेड सर्विस डिजिटल नेटवर्क (ISDN): यह एक सर्किट स्विच्ड टेलीफोन नेटवर्क सिस्टम होता है। इसका प्रयोग वॉयस और डेटा के डिजिटल ट्रांसमिशन के लिये किया जाता है। ट्रांसमिशन का माध्यम साधारण टेलीफोन लाइनें होती हैं जिनमें तांबे या कॉपर का तार प्रयुक्त होता है।
 
• यदि इसे और गहराई से समझें तो कह सकते हैं कि ISDN प्रोटोकॉल का एक सेट होता है जो सर्किट स्विच कनेक्शनों को बनाता है और ब्रेक भी करता है। यदि आप वीडियो कांफ्रेसिंग कर रहे हैं तो ISDN आपको टेक्स्ट, आवाज और वीडियो, साथ-साथ उपलब्ध कराता है।
 
यह कार्य आप व्यक्तिगत डेस्कटॉप सिस्टम से भी कर सकते हैं और ग्रुप में वीडियो कांफ्रेसिंग भी कर सकते हैं। ISDN की मुख्य विशेषता यह होती है कि यह एक समय में एक साथ दो कनेक्शन डिलीवर कर सकता है। इन कनेक्शनों में डेटा का कोई भी कॉम्बीनेशन हो सकता है। चाहे वह टेक्स्ट और आवाज हो, या फिर फैक्स या आवाज या फिर आवाज या वीडियो।
 
पॉवर लाइन कम्युनीकेशन (PLC): इंटरनेट के क्षेत्र में इस तरह के संचार को मुख्य कम्युनीकेशन माना जाता है। इसे अलग-अलग कई तकनीकी नामों से भी जाना जाता है। इनमें कुछ निम्नलिखित हैं
 
1. पॉवर लाइन टेलीकॉम (PLT)
2. पॉवर बैंड या पॉवर लाइन नेटवर्किंग (PLN)
3. पॉवर एरिया नेटवर्किंग (PAN)
 
इस संचार में वॉयस और डेटा दोनों को एक एनालॉग सिगनल के द्वारा 50-60 Hz के AC करेंट वाले तारों में सुपरइम्पोज किया जाता है। इसमें ब्रॉडबैंड ओवर पॉवर लाइन (BPL) भी शामिल है। इस लाइन में डेटा की गति 1Mbps होती है।
 
SONET/SDH: इस तकनीक को सिक्रोनाइज ऑप्टीकल नेटवर्किंग के नाम से जाना जाता है। इसका प्रयोग डिजिटल सूचनाओं को लेजर और LEDs के द्वारा ट्रांसमिट करने के लिये किया जाता है। इस तकनीक का विकास Plesiochronous Digital Hierachy (PDH) तकनीक को रिप्लेस करने के लिये किया गया था। इसके स्टैंडर्ड का विकास इंटरनेशनल टेलीकम्युनीकेशन यूनियन (ITU) ने किया है। इसमें SONET का प्रयोग अमेरिका में और SDH का प्रयोग बाकी जगहों पर किया जाता है।
 
G.709: इसे इंटरफेसेस फॉर ऑप्टीकल ट्रांसपोर्ट नेटवर्क कहा जाता है। इसके फ्रेम स्ट्रकचर को G.709 के रूप में निर्धारित किया गया है। इसके अंतर्गत ऑप्टीकल स्विचों का प्रयोग किया जाता है और इसके लिये ज्यादा मंहगे कनवर्जन की आवश्यकता नहीं होती है। इसका प्रयोग इरर करेक्शन के लिये किया जाता है और इसे SDH/SONET, ATM, IP, ईथरनेट तथा OTN ODUK में किया जाता है।

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