Answer for वेब के क्या स्टैंडर्ड होते है

यदि वेब के स्टैंडर्ड की बात की जाये तो यह तीन स्टैंडों से मिलकर बनाती है। ये स्टैंडर्ड हैं
– यूनीफार्म रिसोर्स आइडेन्टीफॉयर (URI)
हाइपर टेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकाल (HTTP)
• हाइपर टेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज (HTML)
 
– वेब होस्टिंग
इंटरनेट पर जो वेबसाइटें दिखाई देती हैं उनका निर्माण तो आप अपने पीसी या लैपटॉप पर कर सकते हैं लेकिन उन्हें नेट पर ले जाने के लिये और दुनिया के सामने प्रस्तुत करने के लिये वेब होस्टिंग का सहारा लेना होगा। वेब होस्टिंग ही वह जरिया है जिसके द्वारा आप किसी भी वेबसाइट को विश्वव्यापी बना सकते हैं। इंटरनेट पर वेब होस्टिंग दो तरह की होती है
 
• डेडिकेटेड वेब होस्टिंग: डेडिकेटेड कंप्यूटर सिस्टम पर वेब होस्टिंग, एक सिस्टम पर एक साइट के लिए होस्टिंग को अनिवार्य बनाती है।
 
इस तरह का माहौल वेब प्रजेंस प्रोवाइडर और ग्राहक दोनों को पूर्ण सुरक्षा और लचीलापन उपलब्ध कराता है। डेडिकेटेड कंप्यूटर सिस्टम पर वेब होस्टिंग, वेबसाइट चलाने का सबसे आसान और सीधा तरीका है। क्योंकि कंप्यूटर सिस्टम सिर्फ एक ही वेबसाइट रखता है।
 
इसके अलावा सिस्टम रिसोर्स एक ही वेबसाइट के काम आते हैं। डेडिकेटेड होस्टिंग दो तरह की होती है। एक, को लोकेशन होस्टिंग और दूसरी, मैनेज्ड होस्टिंग। को-लोकेशन होस्टिंग में सिस्टम को चलाने का सारा दायित्व उपयोक्ता पर आ जाता है।
 
को-लोकेटेड होस्टिंग: को-लोकेटेड होस्टिंग में, होस्ट आपको जगह भी उपलब्ध कराता है, ताकि आप उस स्पेस में अपना सर्वर हार्डवेयर और इंटरनेट से जुड़ा हाईस्पीड इंफ्रास्ट्रक्चर रख सकें। को-लोकेटेड होस्टिंग उन कंपनियों के लिए ठीक रहती है, जो अपने यहां ही वेब सर्वर को संचालित कर सकें, साथ ही नेटवर्क क्षमता और परफॉर्मेंस भी बढ़ा सकें।
 
बैंडविड्थ और वेब होस्टिंग: बैंडविड्थ डेटा की वह मात्रा या राशि होती है जो नेटवर्क कनेक्शन द्वारा भेजी जाती है। आपकी वेबसाइट को कितनी बैंडविड्थ चाहिए, यह दो बातों पर निर्भर होती है। एक आपके वेब पेजों की डेटा तीव्रता और दो आपकी वेबसाइट के ट्रैफिक की मात्रा।
 
ऐसी वेबसाइट जिसमें ग्राफिक्स और मीडिया स्ट्रीमिंग एलीमेंट काफी ज्यादा होते हैं, उनमें ट्रैफिक की मात्रा काफी ज्यादा होती है, और जितना ज्यादा ट्रैफिक होता है, बैंडविड्थ भी उतनी ही ज्यादा होगी।
 
बैंडविड्थ को आमतौर पर दो तरीकों से नापा जाता है। शेयर्ड, कुछ डेडिकेटेड और को-लोकेटेड होस्टिंग में बैंडविड्थ, ट्रांसफर होने वाले कल डेटा की यात्रा, जो गीगाबाइट या मेगाबाइट में होती है, मापी जाती है। जबकि ज्यादा को-लोकेटेड एकाउंटों में बैंडविड्थ नेटवर्क कनेक्शन के आकार में मापी जाती है। इसे एमबीपीएस यानी मेगाबाइट प्रति सेकेंड में नापते हैं। बैंडविड्थ की फीस और इसे मुहैया कराने की नीतियां, सभी प्रदाताओं की अलग-अलग होती हैं।

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