लाइनेक्स के मुख्य घटक कौन से होते है

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itipapers Staff asked 2 years ago

लाइनेक्स के मुख्य घटक कौन से होते है Linux के विभिन्न features तथा लाभ लिखिए लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम की विशेषताएं लिनक्स के मुख्य कितने भाग होते हैं लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम से आप क्या समझते हैं linux operating system से आप क्या समझते है? linux system की मूलभूत संरचना को समझाइये। Linux की कम से कम पाँच विशेषताएँ linux operating system क्या है ? इतिहास बताइये और linux की कम से कम पाँच विशेषताएँ लिखिये।

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itipapers Staff answered 12 months ago

ऑपरेटिंग सिस्टम के रूप में आज लाइनेक्स को खूब प्रयोग किया जा रहा है। यह ऑपरेटिंग सिस्टम इंटरनेट से मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकता है और इसे विंडोज़ की तरह से जीयूआई अर्थात ग्राफिक यूज़र इंटरफेस की तरह से इस्तेमाल कर सकते हैं। यह इंटरनेट को प्रयोग करने के लिये और नेटवर्किंग के लिये भी एक आदर्श ऑपरेटिंग सिस्टम है। इसमें मल्टीयूजर, मल्टीटास्किंग और टाइम शेयरिंग जैसी सभी विशेषतायें शामिल हैं। लाइनेक्स के पहले यूनिक्स को प्रयोग किया जाता था, लेकिन यह महंगा मल्टीयूजर ऑपरेटिंग सिस्टम है। इसलिये जब इंटरनेट का चलन बढ़ा तो कुछ युवा कम्प्यूटर प्रोग्रामरों ने एक ऐसे ऑपरेटिंग सिस्टम के विकास का फैसला किया जो सभी के लिये मुफ्त में उपलब्ध हो और कार्य करने में भी इतना सक्षम हो कि विंडोज़, यूनिक्स या मैक ऑपरेटिंग सिस्टमों का मुकाबना कर सके। इस कोशिश में लाइनेक्स के विकास में सबसे अहम भूमिका निभायी एक नए छात्र वैज्ञानिक, लाइनस ट्रोवेल्ड ने इसने लाइनेक्स के लिये बेसिक करनेल (Kernel) पर काम करना शुरू किया जो ऑपरेटिंग सिस्टम का सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है।
जीपीएल (जनरल पब्लिक लाइसेंस) के तहत लाइसेंस और डाउनलोड करने के लिए इसे इंटरनेट पर डालने व इसमें सुधार करने के लिए, उसने इसे फ्रिक्स नाम दिया, लेकिन डाउनलोड साइट के मेजबान ने इसे लाइनेक्स नाम दिया। अपने शुरुआती दिनें में वास्तव में लाइनेक्स एक ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं था। लाइनेक्स अपने आप में सिर्फ कर्नेल है। इसमें कोई यूज़र इंटरफेस नहीं है, कोई फाइल प्रबंधन नहीं है, सभी हिस्से इसमें अलग-अलग हैं। दूसरे संगठनों द्वारा उपलब्ध कराए गए सभी बाहरी प्रोग्राम अलग-अलग होते हैं। लाइनेक्स जीएनयू टूल्सों से ही लिखा गया है। इसे जीएनयू सबसिस्टमों का सपोर्ट है और जीएनयू लाइसेंस के साथ ही इसका कॉपीराइट है। इसके शुरुआती वर्जन बहुत ही सीमित थे। लेकिन तेजी से बढ़ती रुचि और विकास से कर्नेल काफी तेजी से विकसित हुआ। यह इंटरनेट गेटवे के रूप में शुरू हुआ था। जो पहले के उपयोगकर्ता थे उन्हें C भाषा में लिखा गया सोर्स कोड डाउनलोड करना पड़ता था और सिस्टम को भी खुद ही कंपाइल करना पड़ता था। 1992 में पहला डिस्ट्रीब्यूशन बनाया गया। यह इंस्टॉलेशन के लिए पूरी तरह से तैयार संपूर्ण सिस्टम था।
लाइनेक्स का संस्करण 1.X भी हैकरों का ही ऑपरेटिंग सिस्टम था। इसे उचित मैनुअल दखल की जरूरत थी और सिस्टम को तैयार कर, चलाने के लिए यूनिक्स की जानकारी आवश्यक थी। जब लाइनेक्स – 2.0 जारी हुआ तो ऑपरेटिंग सिस्टम में कई और नई चीजें जुड़ीं।
अब यह कई जीबी रैम और मल्टीपल प्रोसेसरों को सपोर्ट करने लगा और कमर्शियल यूनिक्स की ताकत का मुकाबला कर पाया। अब तक कई नए डिस्ट्रीब्यूशन आ चुके थे। इसमें इंस्टॉल और रिमूव पैकेजों के आसान सिस्टम वाला REDHAT भी शामिल था। इसके अलावा गैरव्यावसायिक डेबियन ओरिएंटल कैंनिन टरबोलाइनक्स, कैलडेटा का ओपन लाइनेक्स आदि भी इसमें शामिल थे। अब तक लाइनेक्स सभी तरह के पीसी, लैपटॉप से लेकर एसएमपी सर्वरों तक में काफी अच्छी तरहग काम कर रहा था। इसके अलावा बड़ी संख्या में दूसरे ऑपरेटिंग सिस्टम, एरिया से लेकर मैकिंटोश और शक्तिशाली आरआईएससी सर्वर सभी को लाइनेक्स की पूरी सपोर्ट रही।
लाइनेक्स का 2.2 वर्जन और ज्यादा प्रोसेसरों, ज्यादा मेमोरी, सॉफ्टवेयर आरएआईडी और दूसरी कई चीजों को सपोर्ट करना वाला था। इसके बाद वाले वर्जन में बेसिक यूएसबी सपोर्ट को भी डाला गया। डिस्ट्रीब्यूशन जैसे- कोरल लाइनेक्स ओएस और लाइनेक्स मेंड्रेक ने विंडोज़ जैसे केडीई डेस्कटॉप का उपयोग किया, ताकि लाइनेक्स को और ज्यादा व्यावहारिक व उपयोगी बनाया जा सके। लाइनेक्स इंस्टॉल करने के लिए गैर-तकनीकी व्यक्तियों की मदद के मकसद से सभी ग्राफिकल ऑपरेशनों और ऑटोमेटिक हार्डवेयर डिटेक्शन संबंधी खूबियां इसमें समाविष्ट की गईं। यह सब इसलिए किया जाता रहा, ताकि उपयोगकर्ता लाइनेक्स को बिना किसी मदद के चला सके। इस समय लाइनेक्स का जो वर्जन प्रयोग किया जा रहा है वह अब तक के सभी वर्जनों के मुकाबले काफी ज्यादा परिष्कृत और आसान था। यह वर्तमान समय के सभी प्रोसेसरों पर चल सकता है। उद्यमियों के लिए यह ज्यादा कारगर इसलिए रहा, क्योंकि यह कई गीगाबाइट मेमोरी और दर्जनों प्रोसेसरों को सपोर्ट करता था। इसके अलावा यह यूएसबी और प्लग एंड प्ले हार्डवेयर को भी सपोर्ट करता है। यूनिक्स और लाइनेक्स आपस में एक-दूसरे से कई मामलों में बिल्कुल अलग हैं। एक बुनियादी फर्क यह है कि लाइनेक्स बहुत ही प्रभावी मॉड्यूलर है। यह उन हजारों कंपोनेंटों से मिलकर बनता है, जो सप्लायरों से लेकर प्रोग्रामरों तक से आते हैं। ये कंपोनेंट भी निर्माता-दर-निर्माता बदलते रहते हैं। जो बड़े कमर्शियल वर्जन होत हैं, उनमें मुख्य कंपोनेंट समान होते हैं और इन कंपोनेंटों को विक्रेता ही विकसित करते हैं। जबकि फ्री सिस्टमों में अलग-अलग हिस्से अलग-अलग जगहों से आते हैं। इनमें प्रोग्रामर, छोटे कोपरेटिव समूह, गैर – लाभकारी संगठन और व्यावसायिक कंपनियां तक शामिल होती हैं।

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